भृंगराज क्या होता है

भृंगराज क्या होता है 

भृंगराज 



भृंगराज का अंग्रेजी में नाम False Daisy होता है और इसका वैज्ञानिक नाम Eclipta alba होता  है। प्रायः ये  नमी वाले स्थानों पर उगता है। ये वैसे तो पूरे संसार में उगता है किन्तु भारत ,चीन ,थाईलैंड ,और ब्राजील में बहुतायत उगता है। 
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मत है की भृंगराज बालों और लीवर जुडी समस्याओं   लिए लाभप्रद है। 
इसमें केश्य गुण पाए जाते है।


भृंगराज से होने वाले फायदे 


1. जिनके बाल टूटते है उन्हें  भृंगराज के तेल की मालिश अपने सिर पर करने से बालों के झड़ने में आराम मिलता है और नए बाल उगना प्रारम्भ जाते है। 


2. भृंगराज के पत्तों को छाया में सुखाकर पीस ले। इसमें से 10 ग्राम चूर्ण लेकर उसमे शहद 3 ग्राम और गाय  का घी 3 ग्राम मिलकर नित्य सोते समय रात्री में लेने से कमजोर द्रष्टी और नेत्रों के रोगों में लाभ मिलता है। इसे कम  से कम  40 दिन तक करना पड़ेगा। 


3. दो चम्मच भृंगराज स्वरस को दिन में 2 -3 बार पिलाने  बुखार में आराम मिलता है। 


4. दो चम्मच भृंगराज  पत्र स्वरस में 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार पीने से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रैशर ) में आराम मिलता है और कुछ ही दिनों में सामान्य हो जाता है। 


5. यदि बच्चा मिट्टी  खाना किसी भी प्रकार से  छोड़ रहा हो तो भृंगराज के पत्तों का रस 1 चम्मच पीला दें। बच्चा मिट्टी  खाना छोड़ देगा। 


6. मसूड़ों की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हो तो इसकी पत्तिओं का रस मसूड़ों  लगायें।  दर्द में आराम मिलेगा। 

7. त्रिफला ,नील और भृंगराज तीनो एक-एक  चम्मच लेकर 50 मिली पानी में मिलाकर रात को लोहे की कहाड़ी में मिलाकर रख दें। प्रायः इसे बालों में लगा कर ,इस के सूख जाने के बाद नहा लें। बाल नेचुरली काले  हो जाएंगे। 


भृंगराज से होने वाले नुकसान 



 स्तनपान कराने बाली स्त्रियां इसका सेवन कर सकती है लेकिन गर्भबती स्त्रियों को उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श ले  लेना चाहिए।