पेशाब के रोग का इलाज

पेशाब के रोग का इलाज



पेशाव का बार-बार आना 


1. बार-बार पेशाब  आने पर 60 ग्राम भुने चने खा कर ऊपर से थोड़ा सा गुड़  खाएं। दस दिन तक सेवन करने से मलमूत्रता ठीक हो जाएगी। पाचन शक्ति में भी लाभ होगा। 

2. सुबह और  साम को गुण से बना हुआ लड्डू खाने से आराम मिलता है। 

3. रोजाना मेथी का साग  खाने से पेशाव का  आना ठीक हो जाता है। 

4. पेशाब बार-बार आए तो दो पके केलों  का उपयोग(खाना) दोपहर में खाना खाने के बाद करना चाहिए। 

5. शाम को पालक की सब्जी खाने से रत को पेशाव के लिए बार-बार नहीं उठना पड़ता है। 




पेशाब का रुकना 


1.जब हर तरह से हर हो जाए तो इस प्रयोग को अपनाये फिर देखे। पेशाव किसी भी कारण से बंद हो तो अरंड का तेल 20  ग्राम पानी में मिलकर पीने से पंद्रह -बीस मिनट में पेशाब खुल जा है। 


2. 2 ग्राम जीरा और 2 ग्राम मिश्री दोनों को पीसकर  दिन में 3 बार लें।  गुर्दे की खराबी से पेशाब बनना  बंद हो जाए तो मूली और मूली के पत्तों का रस ६० ग्राम की मात्रा में पीने से वह बनने लगता है। 


पेशाब का काम आना 


1. दो छोटी इलाइची को फांक कर दूध पीने से पेशाव खुलकर आता है। 

2. जौ का पानी ,नारियल का पानी, गन्ने का रस काफी सहायक है। 


बिस्तर पर पेशाव 


1. यदि बच्चा रात  को सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर  देता है तो अखरोट की एक गिरी तथा 5 ग्राम किशमिश रात  में सोने से पहले नित्य एक बार खिलाएं। एक सप्ताह के बाद आराम मिलता है। 



मूत्राशय की जलन 

दानेदार धनिया को मोटा पीसकर इसका झिल्का अलग कर ले। फिर बीजों के अंदर की गिरी निकलकर तीन सौ ग्राम धनिया की गिरी ,तीन सौ ग्राम मिश्री ले। दोनों को अलग -अलग पीसकर आपस में मिला लें ,समझ लीजिए औषधी तैयार है। इसे 5 ग्राम एक एक गिलास ठन्डे  पानी से दिन में 2 बार लें केवल तीन दिन तक।